अब नहीं बजेगी अमिताभ बच्चन की आवाज़ वाली कॉलर ट्यून! साइबर फ्रॉड कैंपेन के संदेश को सरकार ने हटाने का लिया फैसला
Amitabh Bachchan Cyber Crime Awareness Caller Tune: “नमस्कार, मैं अमिताभ बच्चन बोल रहा हूँ…” ये आवाज़ जो कोरोना काल और फिर साइबर सुरक्षा के संदेशों के साथ पिछले कई वर्षों से मोबाइल यूज़र्स के कानों में गूंजती रही है, अब जल्द ही इतिहास बन जाएगी। सरकार ने फैसला लिया है कि साइबर फ्रॉड जागरूकता कॉलर ट्यून — जिसे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की आवाज़ में रिकॉर्ड किया गया था — को अब मोबाइल नेटवर्क्स से हटा दिया जाएगा।
इस फैसले के पीछे कई कारण हैं, जिनमें ट्यून की प्रासंगिकता में कमी, जनता की शिकायतें और नया संचार माध्यम अपनाने की दिशा में नीति शामिल है।
क्या था अमिताभ बच्चन की आवाज़ वाला साइबर फ्रॉड मैसेज?
यह कॉलर ट्यून भारतीय दूरसंचार विभाग और साइबर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लॉन्च की गई एक जागरूकता पहल थी। इसका उद्देश्य था मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क करना।
इस कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन की आवाज़ में यह संदेश शामिल था:

“साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें। अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी को अपना ओटीपी या बैंक डिटेल्स न दें…”
यह संदेश पूरे देश में करोड़ों मोबाइल नंबरों पर लागू था और हर बार कॉल करने से पहले यह ऑडियो सुनाई देता था।
क्यों हटाई जा रही है यह कॉलर ट्यून?
1. जनता की शिकायतें बढ़ीं:
लोगों ने सोशल मीडिया और उपभोक्ता फोरम पर इस कॉलर ट्यून के बार-बार सुनाई देने पर नाराज़गी जाहिर की थी। कुछ ने इसे “जरूरत से ज्यादा दोहराव” बताया, जबकि कुछ यूज़र्स ने कहा कि यह कॉल का अनुभव खराब करता है।
2. जागरूकता स्तर हासिल हो चुका है:
सरकार का मानना है कि वर्षों से चल रहे इस कैंपेन के बाद लोगों में साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता पर्याप्त रूप से बढ़ चुकी है।
3. नई रणनीति और तकनीक का उपयोग:
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब डिजिटल माध्यमों जैसे SMS, IVR कॉल, सोशल मीडिया कैंपेन और ऐप आधारित अलर्ट के जरिए लोगों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क करने की योजना बना रही है।
अमिताभ बच्चन का योगदान
महामारी के दौरान, अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज़ से स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी कई सरकारी अभियानों में सहयोग दिया था। कोविड वैक्सीनेशन से लेकर साइबर जागरूकता तक, उनके मैसेज को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया।
उनकी आवाज़ को विश्वसनीयता और विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा गया, जिससे सरकार को अपेक्षित प्रभाव मिला।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने इस बदलाव पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
कुछ ने राहत की सांस ली तो कुछ ने कहा कि अब कॉल पर “कुछ खाली सा लगेगा”।
“Finally! अब हर कॉल से पहले वही आवाज़ सुनने की आदत खत्म होगी.” – एक ट्विटर यूजर
“भले ही रिपीटेड था, पर बच्चन साहब की आवाज़ का असर होता था.” – इंस्टाग्राम कमेंट
साइबर फ्रॉड से बचाव अब कैसे होगा?
अब सरकार और ट्राई (TRAI) मिलकर नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। इसमें शामिल हैं:
- SMS आधारित साइबर अलर्ट
- फोन कंपनियों द्वारा स्पैम और फ्रॉड कॉल को फ़्लैग करना
- बैंक और UPI ऐप्स के अंदर सुरक्षा संदेश
- TV और रेडियो पर एडवांस अवेयरनेस कैंपेन
टेलीकॉम कंपनियों को मिले निर्देश
TRAI ने सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स — जैसे Jio, Airtel, Vi, और BSNL — को आदेश जारी किया है कि वे जल्द से जल्द यह ट्यून हटाएं और नया सिस्टम लागू करें। यह प्रक्रिया अगले 10 दिनों के भीतर शुरू की जा रही है।
निष्कर्ष
अमिताभ बच्चन की आवाज़ अब आपके फोन कॉल्स से गायब जरूर हो जाएगी, लेकिन उनका संदेश — “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” — हमेशा प्रासंगिक रहेगा। साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए नई तकनीकें और रणनीतियाँ अपनाई जा रही हैं, जो आने वाले समय में और अधिक प्रभावी होंगी।








