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‘Son of Sardaar 2’ पर छाया ‘Saiyaara’ का साया !

‘Son of Sardaar 2’ पर छाया ‘Saiyaara’ का साया, दर्शक नहीं दिखा रहे उत्साह — जानिए वजह और क्या है आगे का रास्ता?

अजय देवगन की एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘Son of Sardaar’ ने जब 2012 में बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दी थी, तो दर्शकों को कहानी, एक्शन और ह्यूमर का मेल खूब भाया था। अब एक दशक बाद, ‘Son of Sardaar 2’ के साथ यह फ्रेंचाइज़ी फिर से लौट आई है, लेकिन इस बार फिल्म को वह प्यार और क्रेज़ नहीं मिल रहा जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

फिल्म की रिलीज़ के साथ ही एक बात सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रही है – ‘Saiyaara का साया’। लेकिन आखिर यह क्या है? और क्यों यह दर्शकों को थिएटर तक खींच लाने में बाधा बन रहा है? आइए जानते हैं।

‘Saiyaara’ का नाम आते ही क्यों जाग जाती हैं पुरानी यादें?

‘Saiyaara’ असल में सलमान खान और कैटरीना कैफ की सुपरहिट फिल्म ‘Ek Tha Tiger’ का एक भावुक और रोमांटिक गाना था, जिसने लाखों दिलों को छुआ।

अब यहां सवाल उठता है कि इसका ‘Son of Sardaar 2’ से क्या लेना-देना है?

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असल में, सोशल मीडिया पर कई दर्शकों का कहना है कि ‘Son of Sardaar 2’ की स्टोरीलाइन, इमोशनल अपील और टोन काफी हद तक ‘Saiyaara’ जैसे मूड को कैरी करती है, लेकिन बिना गहराई और मौलिकता के।

दर्शक क्यों नहीं आ रहे सिनेमाघरों तक?

फिल्म की ओपनिंग कमजोर रही है और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी उम्मीदों से काफी नीचे है। दर्शकों के थिएटर तक न पहुंचने के पीछे कई वजहें सामने आई हैं:

1. कंटेंट में मौलिकता की कमी


जहां पहली फिल्म में कॉमिक टाइमिंग और पंजाबी अंदाज ने दिल जीता था, वहीं इस बार स्क्रिप्ट को लेकर लोग निराश हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे “रीपिटेड ड्रामा” और “भावना रहित इमोशन” करार दिया है।

2. कैरेक्टर डेवलपमेंट में गहराई नहीं

फिल्म में अजय देवगन का किरदार तो दमदार है, लेकिन बाकी कलाकारों को स्क्रीन स्पेस और मजबूत बैकस्टोरी नहीं मिली, जिससे दर्शक जुड़ नहीं पाए।

3. Saiyaara जैसा इमोशनल मिक्स लेकिन बिना आत्मा के

फिल्म की पृष्ठभूमि में जो इमोशनल कॉनफ्लिक्ट है, वो दर्शकों को बार-बार ‘Saiyaara’ की याद दिला रहा है – लेकिन वो दर्द, वो सच्चाई गायब है।

फिर क्या देखें ऑडियंस? ये हैं बेहतर विकल्प

अगर आप भी ‘Son of Sardaar 2’ देखकर कन्फ्यूज हैं या टिकट बुक करने से पहले दो बार सोच रहे हैं, तो हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऑल्टर्नेट ऑप्शन्स:

1. OTT पर धांसू विकल्प

  • “Mirzapur Season 3” – एक्शन और राजनीति का जबरदस्त कॉकटेल
  • “Kalki 2898 AD” (In Theatres/OTT soon) – विजुअल ट्रीट के साथ मजबूत कहानी
  • “Maharaj” (Netflix) – सच्ची घटनाओं पर आधारित दमदार ड्रामा

2. सिनेमा में दूसरी रिलीज

  • “Stree 2” – हॉरर और ह्यूमर का शानदार मेल
  • “Pushpa 2 (Re-release Teasers)” – अल्लू अर्जुन का जलवा फिर लौट रहा है

3. Classic Movie Rewatch

  • ‘Ek Tha Tiger’ में फिर से डूब जाइए और Saiyaara की गहराई को फिर महसूस कीजिए – शायद इससे ज़्यादा भावनात्मक अनुभव कोई नई फिल्म नहीं दे पा रही।

मार्केटिंग में भी दिखी कमजोरी

एक और बड़ा कारण है – कमज़ोर प्रमोशन
‘Son of Sardaar 2’ को जितना प्रमोट किया जाना चाहिए था, उतना नहीं किया गया। सोशल मीडिया, रियलिटी शोज और कॉलेज कैंपस जैसी जगहों पर इसका प्रचार सीमित रहा। ऐसे में फिल्म लोगों तक पहुंचने से चूक गई।

क्या था फिल्म में अच्छा?

हर फिल्म में कुछ पॉजिटिव भी होता है और ‘Son of Sardaar 2’ की सबसे बड़ी ताकत है – अजय देवगन की स्क्रीन प्रेजेंस और बैकग्राउंड म्यूजिक।

एक्शन सीक्वेंस अच्छे से फिल्माए गए हैं, और कुछ डायलॉग्स वाकई तालियों के हकदार हैं। लेकिन यही बातें फिल्म को बचाने के लिए काफी नहीं लगतीं।

निष्कर्ष: ‘Saiyaara’ की छाया में खो गई ‘Son of Sardaar 2’

कुल मिलाकर, ‘Son of Sardaar 2’ एक एवरेज फिल्म बनकर रह गई है जिसे ना तो दर्शकों की भरपूर सराहना मिली और ना ही सोशल मीडिया पर कोई खास बज़।

‘Saiyaara’ जैसी गहराई की कोशिश इसमें जरूर दिखती है, लेकिन आत्मा और सच्चाई की कमी इसे अधूरा अनुभव बनाती है।

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