कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म आज होगी रिलीज !
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कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म आज होगी रिलीज !

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Udaipur Files: कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म आज होगी रिलीज: उदयपुर में बेटे परिवार के साथ देखने जाएंगे मूवी; पुलिस ने किए सुरक्षा के सख्त इंतजाम

राजस्थान के उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर बनाई गई फिल्म आज यानी शुक्रवार को देशभर में रिलीज की जा रही है। इस फिल्म की रिलीज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। कन्हैयालाल के बेटे यश और उनका पूरा परिवार उदयपुर के एक स्थानीय थिएटर में फिल्म देखने पहुंचेंगे।

इस फिल्म ने न केवल न्याय की आवाज को बुलंद किया है, बल्कि एक बार फिर देशभर में इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

क्या है कन्हैयालाल हत्याकांड?

उदयपुर में दर्जी का काम करने वाले कन्हैयालाल की 28 जून 2022 को दिनदहाड़े दुकान के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, जिसमें दो आरोपियों ने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए हत्या को अंजाम दिया। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी और इसके बाद पूरे राजस्थान समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए।

फिल्म की कहानी और उद्देश्य

फिल्म निर्माताओं ने इस हत्याकांड को पर्दे पर उतारते हुए एक संवेदनशील लेकिन जागरूकता बढ़ाने वाला संदेश देने की कोशिश की है। फिल्म न केवल कन्हैयालाल की दर्दनाक हत्या को दिखाती है, बल्कि न्याय की लड़ाई, परिवार की पीड़ा और समाज में धार्मिक कट्टरता के प्रभाव को भी बखूबी उजागर करती है।

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निर्देशक के अनुसार, “यह फिल्म किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि कट्टरपंथ और आतंक के खिलाफ है। इसका उद्देश्य नफरत नहीं, शांति और न्याय का संदेश देना है।”

कन्हैयालाल का परिवार बोलेगा – ‘यह हमारे पिता को श्रद्धांजलि है’

कन्हैयालाल के बेटे यश ने कहा,

“यह फिल्म हमारे पिता के संघर्ष और बलिदान की कहानी है। हम इसे एक श्रद्धांजलि के रूप में देखना चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि लोग इसे गंभीरता से लेंगे और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एकजुट होंगे।”

परिवार के साथ शहर के अन्य समाजसेवी और व्यापारी भी फिल्म देखने के लिए थियेटर पहुंचेंगे।

पुलिस ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

फिल्म की रिलीज को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने उदयपुर समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। थिएटरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

एसपी विकास शर्मा ने बताया:

“हमने सभी थिएटर मालिकों से संपर्क कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे की स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है।”

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

फिल्म के ट्रेलर के रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई थी। कई लोगों ने इस फिल्म को “सच्चाई दिखाने वाला साहसिक प्रयास” बताया, तो कुछ वर्गों ने आशंका जताई कि इससे धार्मिक तनाव भड़क सकता है।

हालांकि, प्रशासन और फिल्म निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि फिल्म का उद्देश्य “शांति और न्याय का समर्थन करना है, न कि किसी भावना को आहत करना।”

सेंसर बोर्ड ने दी हरी झंडी

फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल चुकी है, हालांकि बोर्ड ने कुछ संवेदनशील सीन्स को हटाने या म्यूट करने की सिफारिश की थी, जिसे निर्माता पक्ष ने मान लिया।

इस तरह फिल्म को UA सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया है, जिसका मतलब है कि इसे हर वर्ग का दर्शक देख सकता है, लेकिन 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को माता-पिता के मार्गदर्शन में देखने की अनुमति है।

धार्मिक संगठन और समाज की भूमिका

घटना के समय कई धार्मिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। आज जब इसपर फिल्म बनी है, तो समाज में एक नई चेतना का संचार होता दिख रहा है।

कई हिंदू संगठनों ने फिल्म का स्वागत किया है और इसके प्रमोशन में भी सहयोग किया है। वहीं कुछ संगठनों ने संयम बरतने की अपील की है ताकि माहौल खराब न हो।

निष्कर्ष: क्या कहती है जनता?

फिल्म के रिलीज होते ही जनता की निगाहें इसकी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यह फिल्म एक न्यायिक लड़ाई की शुरुआत नहीं, बल्कि उसे और मजबूत करने का प्रयास है। कन्हैयालाल की मौत केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं थी, बल्कि देश की संवैधानिक भावनाओं और धार्मिक सहिष्णुता पर हमला था।

अब देखना यह होगा कि फिल्म कितनी सकारात्मक सामाजिक जागरूकता फैला पाती है।

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