जानिए वो 5 क्रिकेट स्टेडियम जहां कभी नहीं जीत पाई टीम इंडिया – विदेशी धरती पर भारत की सबसे बड़ी चुनौतियां
India Has Never Won Test Match In These Five Stadiums: भारतीय क्रिकेट टीम ने बीते कुछ वर्षों में घरेलू और विदेशी दोनों मैदानों पर कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं, लेकिन कुछ मैदान आज भी ‘भारत के लिए अभेद्य किले’ बने हुए हैं। इन स्टेडियमों में भारत की रिकॉर्ड बुक में सिर्फ हार, ड्रॉ या निराशा जुड़ी है — और यही उन्हें खास बनाता है।
आइए जानते हैं दुनिया के उन 5 क्रिकेट मैदानों के बारे में, जहां टीम इंडिया आज तक एक भी इंटरनेशनल मुकाबला जीत नहीं पाई है।
The Gabba, ब्रिस्बेन (ऑस्ट्रेलिया)
- फॉर्मेट: टेस्ट, मैच खेले: 7, जीते: 1 (2021)
- नोट: भारत ने पहली बार 2021 में इस मैदान पर टेस्ट जीता था, इससे पहले लगातार असफलता रही।
Gabba को पहले भारत के लिए ‘नॉन विनिंग ग्राउंड’ कहा जाता था। हालांकि, 2021 में ऋषभ पंत और शुभमन गिल की ऐतिहासिक पारी ने इस मिथक को तोड़ा, लेकिन इससे पहले भारत 6 टेस्ट में कभी जीत दर्ज नहीं कर पाया था।

Queen’s Park Oval, पोर्ट ऑफ स्पेन (वेस्टइंडीज)
फॉर्मेट: टेस्ट, मैच खेले: 13, जीते: 0
ड्रॉ: 9
हारे: 4
वेस्टइंडीज का यह ऐतिहासिक मैदान भारतीय टीम के लिए कभी फेवरेबल नहीं रहा। यहां भारतीय बल्लेबाज़ अक्सर स्पिन और उछाल के बीच संघर्ष करते दिखाई दिए हैं।
Eden Park, ऑकलैंड (न्यूजीलैंड)
- फॉर्मेट: ODI और T20I, ODI मैच खेले: 10, जीते: 2, हारे: 8
- T20I मैच: कभी नहीं जीते
न्यूजीलैंड का Eden Park अपनी संकरी सीमाओं और तेज़ हवा के लिए जाना जाता है। यहां भारत को T20I में जीत की तलाश अब तक जारी है। ODI में भी रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक रहा है।
Kingsmead, डरबन (साउथ अफ्रीका)
- फॉर्मेट: टेस्ट और ODI, टेस्ट में जीत: 0, ODI में जीत: 1
भारत के लिए साउथ अफ्रीका का डरबन एक ‘बुरे सपने’ जैसा साबित हुआ है। यहां स्पिनर्स का प्रभाव न के बराबर होता है और पेस अटैक के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने बार-बार घुटने टेक दिए।
Old Trafford, मैनचेस्टर (इंग्लैंड)
- र्मेट: टेस्ट और ODI, टेस्ट मैच खेले: 9, जीते: 0, हारे: 4, ड्रॉ: 5
Old Trafford को इंग्लैंड की सबसे चुनौतीपूर्ण पिचों में से एक माना जाता है। यहां की कंडीशन्स और तेज गेंदबाज़ी भारत के लिए हमेशा चुनौती रही है। भारत ने कभी भी यहां टेस्ट मैच नहीं जीता।
क्यों नहीं जीत पाई टीम इंडिया?
इन मैदानों पर भारत की असफलता के पीछे कुछ सामान्य कारण रहे हैं:
- तेज़ और उछालभरी पिचें जहां भारतीय बल्लेबाज़ जल्दी ढेर हो जाते हैं
- मौसम और परिस्थितियों का जल्दी न ढल पाना
- मेज़बान टीमों का घरेलू फायदा और रिकॉर्ड
- कभी-कभी रणनीतिक गलतियां और अनुकूल प्लेइंग XI न चुनना
क्या अब टूटेगा यह रिकॉर्ड?
टीम इंडिया अब पहले से कहीं ज़्यादा संतुलित और अनुभवपूर्ण है। नए खिलाड़ी जैसे शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि भविष्य में भारत इन मैदानों पर जीत की नई कहानी लिखेगा।
निष्कर्ष
हर क्रिकेट टीम के पास कुछ ऐसे मैदान होते हैं जो उसके लिए ‘विजयी’ नहीं रहे — भारत के लिए भी ये 5 मैदान अब तक जीत की दूरी पर रहे हैं। लेकिन इतिहास गवाह है कि रिकॉर्ड्स बनाए भी जाते हैं और तोड़े भी। आने वाले टूर्स में फैंस को यही उम्मीद होगी कि भारत इन “अभेद्य किलों” को जीत में बदल पाए।








