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सावन का दूसरा सोमवार आज, जानें शिव पूजन का शुभ मुहूर्त !

Second Sawan Somwar 2025: सावन का दूसरा सोमवार आज, जानें शिव पूजन का शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक विधि, मंत्र और उपाय

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पावन समय माना जाता है। इस वर्ष का दूसरा सावन सोमवार आज है और देशभर के शिवभक्त व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस शुभ अवसर पर शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं आज के दिन शिव पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महामंत्र और कुछ प्रभावी उपाय, जो आपके जीवन को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं।

शिव पूजन का शुभ मुहूर्त (Second Sawan Somwar Puja Muhurat)

आज सावन का दूसरा सोमवार है, और ज्योतिषियों के अनुसार आज शिव पूजन के लिए अत्यंत शुभ समय है:

  • पूजा का मुहूर्त: सुबह 5:20 से लेकर दोपहर 12:30 तक शुभ माना गया है।
  • जलाभिषेक का समय: प्रातः 6:00 से 8:30 तक विशेष फलदायी।
  • रुद्राभिषेक का उत्तम समय: प्रातः 9:00 से 11:00 बजे तक।

ध्यान रखें कि सावन के सोमवार को जल या दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

Shivling

जलाभिषेक की विधि (Jalabhishek Vidhi)

सावन के सोमवार को जलाभिषेक की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। इसकी सही विधि इस प्रकार है:

शिव चालीसा, शिव पंचाक्षरी मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और शुद्ध जल से अभिषेक करें।

बेलपत्र, धतूरा, आक की माला, और भस्म अर्पित करें।

पुष्प और चंदन लगाकर दीपक जलाएं।

महामंत्र और जाप विधि (Mantras to Chant)

1. पंचाक्षरी मंत्र:
“ॐ नमः शिवाय”
इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

2. महामृत्युंजय मंत्र:
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥”

यह मंत्र रोगों और भय से मुक्ति दिलाता है। कम से कम 11 बार जाप करें।

3. रुद्राष्टक:
अगर समय हो तो तुलसीदास जी रचित रुद्राष्टक का पाठ जरूर करें।

शिव को प्रसन्न करने के उपाय (Remedies to Please Lord Shiva)

  • काले तिल और शहद का शिवलिंग पर अभिषेक करें – दरिद्रता दूर होती है।
  • सफेद फूलों का अर्पण करें – सुख-शांति का वास होता है।
  • नीले वस्त्र धारण कर शिव मंदिर जाएं – इच्छाओं की पूर्ति होती है।
  • एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने से बुद्धि और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
  • सोमवार व्रत रखकर व्रत कथा सुनना विशेष लाभकारी होता है।

सावन सोमवार का महत्व (Importance of Sawan Somwar)

सावन का महीना प्रकृति के सबसे पवित्र स्वरूप को दर्शाता है। इसे भगवान शिव के तप, तांडव और वरदानों से जोड़ा जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को:

  • विवाह संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
  • संतान प्राप्ति का योग बनता है।
  • मानसिक तनाव से राहत मिलती है।
  • आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।

भक्तों के लिए विशेष संदेश

अगर आप जीवन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना कर रहे हैं—चाहे वो स्वास्थ्य, करियर, विवाह या पारिवारिक हो, सावन सोमवार का व्रत और शिव पूजन निश्चित रूप से आपके जीवन में शुभता और सकारात्मकता लाएगा।

निष्कर्ष

सावन सोमवार केवल एक धार्मिक दिन नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति का माध्यम है। यह समय है स्वयं को शिवमय बनाने का, जीवन की परेशानियों से उबरने का और शिव की कृपा प्राप्त करने का। आज के दिन भगवान शिव की सच्ची श्रद्धा से आराधना करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का स्वागत करें।

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