Pew Research Center: दुनिया की एक चौथाई आबादी हो गई मुस्लिम, 10 सालों में सबसे तेजी से बढ़ी जनसंख्या, जानें हिंदुओं की स्थिति क्या?
दुनिया की धार्मिक जनसंख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Pew Research Center द्वारा जारी एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर मुसलमानों की जनसंख्या अब कुल विश्व आबादी का लगभग 25% (एक चौथाई) हो चुकी है। बीते दस सालों में यह धर्म सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला धर्म बना है। वहीं, हिंदुओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है, लेकिन यह मुस्लिम जनसंख्या की रफ्तार के मुकाबले धीमी है।
मुस्लिम आबादी में तेज़ी से वृद्धि क्यों?
Pew Research की रिपोर्ट बताती है कि मुस्लिम जनसंख्या की तेज़ वृद्धि के पीछे कई कारक हैं:
- उच्च जन्म दर
- युवा आबादी का प्रतिशत
- धार्मिक पारंपरिकता के चलते बड़े परिवार
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच

इन सबके चलते मुस्लिम समाज की ग्रोथ रेट अन्य धर्मों की तुलना में अधिक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक मुस्लिम आबादी ईसाइयों के बराबर पहुंच सकती है, और 2070 के बाद सबसे बड़ा धर्म बन सकती है।
हिन्दू धर्म की स्थिति क्या है?
हिंदू धर्म, जो भारत, नेपाल और कुछ अन्य देशों में प्रमुख है, वर्तमान में विश्व की लगभग 15% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। हालाँकि, हिंदू जनसंख्या में भी वृद्धि हुई है, लेकिन इसका विस्तार सीमित क्षेत्रीय दायरे में केंद्रित है, मुख्य रूप से भारत और नेपाल में।
भारत की जनसंख्या में हिंदू अभी भी बहुसंख्यक हैं
वैश्विक स्तर पर हिंदुओं की ग्रोथ दर स्थिर है
प्रवास (migration) से कुछ देशों में वृद्धि देखी गई है (जैसे अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया)
विश्व की धार्मिक जनसंख्या में बड़ा बदलाव
| धर्म | वैश्विक प्रतिशत | अनुमानित ग्रोथ (2035 तक) |
|---|---|---|
| इस्लाम | ~25% | सबसे तेज़ ग्रोथ, 30% तक |
| ईसाई | ~31% | स्थिर ग्रोथ |
| हिंदू | ~15% | धीमी लेकिन स्थिर ग्रोथ |
| अन्य | ~29% | विविध धर्म शामिल |
भारत की दृष्टि से क्या है मायने?
भारत में जनसंख्या का बड़ा हिस्सा हिंदू है, लेकिन मुस्लिम आबादी में भी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार:
- भारत में दुनिया की सबसे बड़ी हिंदू आबादी है
- साथ ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या भी भारत में है
- यह धार्मिक संतुलन भविष्य की राजनीति, नीति निर्माण और सामाजिक ढांचे पर प्रभाव डाल सकता है
क्या यह बदलाव चिंता की बात है?
Pew Research ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़े केवल जनसांख्यिकीय अध्ययन का हिस्सा हैं और इन्हें धार्मिक-सामाजिक तनाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट का उद्देश्य है:
- भविष्य के लिए धार्मिक ट्रेंड्स को समझना
- नीति निर्माताओं को डेटा आधारित फैसले लेने में सहायता देना
- धार्मिक संतुलन और सहिष्णुता को बढ़ावा देना
निष्कर्ष: धार्मिक परिवर्तन का युग
Pew Research की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि विश्व एक धार्मिक परिवर्तन के दौर में है। जहां इस्लाम सबसे तेजी से बढ़ रहा धर्म बन चुका है, वहीं हिंदू धर्म स्थिर रूप से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह परिवर्तन और स्पष्ट होंगे।